Skip to main content

34 साल के रोनाल्डो का शरीर 23 साल जैसा, फिटनेस के लिए रोज 5 बार में 8 घंटे की नींद और 6 बार भोजन; माइनस 130 डिग्री में थैरेपी

इटली के क्लब जुवेंतस के लिए खेलने वाले पुर्तगाली फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के इंस्टाग्राम पर 20 करोड़ फॉलोअर्स हो गए हैं। यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के इकलौते शख्स हैं। वे जितने बड़े फुटबॉल खिलाड़ी हैं, उतनी ही अच्छी उनकी फिटनेस भी है। 34 साल की उम्र में उनकी बायोलॉजिकल उम्र महज 23 साल है। वे आगे रहने के लिए खुल को हर पल कैसे री-इंवेंट कर रहे हैं। इस पर नॉलेज रिपोर्ट....

खुद को पॉजिटिव रखने के परिवार के साथ समय बिताते हैं

नींद: कोख में बच्चे जैसीपोजिशन में सोते हैंं
रोनाल्डो आम लोगों की तरह आठ घंटे की नींद लेने की जगह दिनभर में 90-90 मिनट की पांच नींद लेते हैं। साथ ही वे गर्भ में स्थित भ्रूण की स्थिति में सोते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे दिमाग फ्रेश रहता है। एकाग्रता बढ़ती है।

डाइट: दो बार नाश्ता, दो बार लंच और दो बार डिनर

दिनभर में छह बार में खाना खाते हैं। इसमें दो लंच, दो डिनर होते हैं। इसमें सलाद, फल, सब्जियां, मोटा अनाज, अंडा और चिकन होता है। ऐसी प्रोटीन वाली डाइट से ओमेगा-3 जैसे फैटी एसिड मिलते हैं। ये एंटी एजिंग का काम करता है।

एक्सरसाइज: हर मैच के बाद 30 मिनट स्विमिंग करते हैं
रोनाल्डो मानसिक सेहत पर भी ध्यान देते हैं। वे परिवार और दोस्तों के साथ रहना पसंद करते हैं। जिम में कार्डियो एक्सरसाइज जैसे रनिंग, रोइंग और वेटलिफ्टिंग पर फोकस करते हैं। मैच के बाद वे 30 मिनट स्विमिंग जरूर करते हैं।

माइनस 130 डिग्री में थैरेपी

रोनाल्डो विशेष चैंबर में क्रायोथैरेपी लेते हैं। चैंबर का तापमान -130 डिग्री तक किया जाता है। इसमें रोनाल्डो 3 मिनट तक रुकते हैं। इससे मांसपेशी की चोटों की रिकवरी जल्दी होती है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
इनके शरीर पर सिर्फ 7% फैट है, जो पेशेवर खिलाड़ियों से 3% कम है।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2GKw0Ei

Comments

Popular posts from this blog

कोरोनावायरस के हमले पर कैसे रिएक्ट करता है हमारा शरीर? वैक्सीन की जरूरत क्यों?

कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को बुरी तरह प्रभावित किया है। जनवरी में यह चीन से बाहर फैला और धीरे-धीरे पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया। जान बचाने के खातिर हर स्तर पर कोशिशें तेज हो गईं। करीब 11 महीने बाद भी रिकवरी की हर कोशिश को कोरोना ने नई और ताकतवर लहर के साथ जमींदोज किया है। ऐसे में महामारी को रोकने के लिए सिर्फ वैक्सीन से उम्मीदें हैं। पूरी दुनिया में वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। जब दुनियाभर में वैज्ञानिक कोरोनावायरस को खत्म करने के लिए वैक्सीन बनाने में जुटे हैं तो यह जानना तो बनता है कि इसकी जरूरत क्या है? मेडिकल साइंस को समझना बेहद मुश्किल है। आसान होता तो हर दूसरा आदमी डॉक्टर बन चुका होता। हमने विशेषज्ञों से समझने की कोशिश की कि कोरोनावायरस शरीर पर कैसे हमला करता है? उस पर शरीर का जवाब क्या होता है? वैक्सीन की जरूरत क्यों है? वैक्सीन कैसे बन रहा है? यहां आप 5 प्रश्नों के जवाब के जरिए जानेंगे कि - कोरोनावायरस के हमले पर शरीर का रिस्पॉन्स क्या होता है? कोरोनावायरस को खत्म करने के लिए वैक्सीन की जरूरत क्या है? किस तरह से वैक्सीन बनाए जा रहे हैं? वैक्सीन के ...

मर्द का चरित्र है कि उसे किसी मर्द से दिक्कत हो, तो वो उसकी मां-बहन-बेटी को निशाना बनाता है, चाहे वो 5 साल की मासूम क्यों न हो

इंटरनेट पर क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की पांच साल की बेटी को रेप की धमकियां मिल रही हैं। वजह? क्योंकि उस नन्ही बच्ची के पिता की टीम आईपीएल मैच में हार गई। लोग धोनी से गुस्सा हैं, लेकिन निकाल उनकी पांच साल की बेटी पर रहे हैं। इंटरनेट पर इस खबर के बाद मैं अगली खबर पर पहुंचती हूं। गुजरात में एक 12 साल की बच्ची रेप के बाद प्रेग्नेंट हो गई। फिर तीसरी खबर दिखाई देती है, गुजरात में एक 44 साल के आदमी ने 3 नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार किया। फिर चौथी खबर, छत्तीसगढ़ में बलात्कार का शिकार नाबालिग बच्ची की मौत। पांचवी खबर केरल में 10 साल की बच्ची के साथ रेप। यूं तो इन सारी खबरों का आपस में कोई रिश्ता नहीं, लेकिन एक ही तार से मानो सब जुड़ी हैं। हर वो मनुष्य, जिसने आपके मुल्क में स्त्री की देह में जन्म लिया है, वो सुरक्षित नहीं। वो हर वक्त आपके निशाने पर है। लोगों ने पांच साल की बच्ची के लिए जैसी भाषा और शब्दों का इस्तेमाल किया है, सोचकर ही मेरे हाथ कांप रहे हैं। मैं कल्पना कर रही हूं उस नन्ही जान की, जो इस वक्त आइसक्रीम और गुब्बारे के लिए जमीन पर लोट रही होगी। झूठ-मूठ नाराज होने का नाटक कर रही...