सुशांत सिंह राजपूत तो चले गए, लेकिन पीछे वो बॉलीवुड छोड़ गए हैं, जो अगर अभी रो-बिलख नहीं रहा है, तो जल्द ही रोता-बिलखता नजर आ सकता है। न जाने कितने एंगल खुलकर सामने आ गए हैं। बात असामान्य मृत्यु से शुरू हुई और भाई-भतीजावाद, ड्रग्स और माफिया कनेक्शन होती हुई अब चीन पहुंच चुकी है। जी हां, चीन में प्रति वर्ष 40 भारतीय फिल्मों को प्रदर्शित करने की अनुमति है, लेकिन बॉलीवुड में भारी भरकम और संदिग्ध चीनी निवेश का पता चला है। दो हवाला ऑपरेटर पहचाने जा चुके हैं। रडार पर कुछ फिल्मी हस्तियां भी हैं, जिनकी फिल्में भारत में असफल रही हैं, लेकिन चीन ने इन्हें हिट बता कर उनकी झोली जमकर भर दी है।
कंगना रनौत आएं बीजेपी में!
अब जब हर तरह की बात चल रही है, तो यह सवाल भी उठेगा कि क्या कंगना रनौत बीजेपी में शामिल हो सकती हैं? दरअसल सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर 6 अगस्त को एक समारोह आयोजित हुआ। समारोह पूरी तरह संघ परिवार का था। इसे संस्कार भारती पूर्वोत्तर और संस्कृति गंगा न्यास द्वारा आयोजित किया गया था। प्रसून जोशी इसमें मौजूद थे। लेकिन सुपर डुपर हिट उपस्थिति थी कंगना की। कंगना 2019 में शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल रही थीं। लेकिन बीजेपी में शामिल होने की अटकलों पर कंगना की तरफ से कहा जाता है कि यह बॉलीवुड के एक नॉनसेंस सेक्शन की नासमझ बातों के अलावा कुछ नहीं है।
एनडीए का पासवान पचड़ा
तो भइया, बीजेपी के अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने औपचारिक रूप से ऐलान कर दिया है कि बिहार में एनडीए, माने कि बीजेपी भी, नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। माने बागों में बहार के बजाए बयार लाने की अटकलों पर फिलहाल तो फुल स्टॉप। नीतीश खेमा तो जाहिर तौर पर खुश है, लेकिन सीट बंटवारे पर झगड़ा शुरू होना अभी बाकी है। खास तौर पर बिहार विधान परिषद की 12 सीटों पर चुनाव सिर पर हैं।
बीजेपी की मांग 6 सीटों की है। बीजेपी को उनमें से एक सीट रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी को देनी है। लेकिन नीतीश खेमे की दलील है कि बिहार विधानसभा में उनके पास 71 सीटें हैं और बीजेपी के पास 53 हैं। माने बड़के वाले भाई तो हमीं हैं। और रही बात पासवान की, तो उनके पास तो एक भी विधायक नहीं है, फिर उन्हें किस बात की सीट?
राहुल गांधी की दोहरी परेशानी
24 अकबर रोड के सूत्रों का कहना है कि इन 23 कांग्रेस नेताओं के पत्र से राहुल गांधी बहुत परेशान हैं। वह 9 तुगलक लेन वाले अपने घर में कम ही रह रहे हैं। रात को तो वह सिर्फ 10 जनपथ में ही रहते हैं। एक पहलू यह भी है कि सोनिया गांधी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है और राहुल गांधी वहां उनकी देखभाल के लिए रुकते हैं। वहां उनका कमरा अभी भी जस का तस है। नाराजगी का दूसरा पहलू यह है कि सोनिया गांधी को 23 नेताओं का यह पत्र उस दिन मिला था, जिस दिन उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
एक्टिव हैं अनार पटेल
गुजरात की पूर्व सीएम आनंदीबेन पटेल की बेटी अनार पटेल इन दिनों गुजरात में बहुत सक्रिय हैं। खास तौर पर पाटन और घाटलोदिया निर्वाचन क्षेत्रों में वह पार्टी की तरफ से बहुत सारे सामाजिक कार्य कर रही हैं। पिछले चुनाव में भी चर्चा थी कि अनार को टिकट मिल सकता है। लेकिन नहीं मिला। घाटलोदिया गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यहां से भूपेंद्र पटेल विजयी हुए थे, जो अब वहां के एक बड़े नेता हैं।
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