सैकड़ों स्टिंग। हजारों खुलासे। केस का पूरा सच सामने ला देने वाली एक-एक दिन में कई-कई ब्रेकिंग न्यूज। टेलीविजन की सरोकारों वाली इस पत्रकारिता को इतिहास याद रखेगा। देश के लिए यह अभूतपूर्व योगदान है। कुछ चैनलों के तो नाम में ही भारत, हिंदुस्तान, इंडिया निहित हैं। वे जो करते हैं वह राष्ट्र के नाम होता है। अमेरिकी टेलीविजन चैनलों ने अभिनेता और फुटबाल खिलाड़ी ओ. जे. सिंपसन मामले में खूब खबरें की थीं, लेकिन उन्हें भी हर दिन केस की ‘दिशा बदल देने वाली’ ब्रेकिंग नहीं मिला करती थीं। आपने इतिहास बनाया है। किसी स्टोरी में पांच डब्ल्यू, एक एच ढूंढना पत्रकार को पेशे में आते ही सिखाया जाता है। आपने सुशांत केस में हजारों डब्ल्यू, सैकड़ों एच ढूंढे। और हां, ‘कौन’ वाले डब्ल्यू में तो आपने पहले दिन से ही दर्शक को बता दिया था-ध्यान से देखिए इस मासूम चेहरे को...यही है वो। इस केस के लिए किसी ने दो, किसी ने पांच किसी ने बारह संवाददाता तैनात किए। आप सबकी टीमों को जोड़ दें तो देश में किसी केस के लिए गठित यह अब तक की सबसे बड़ी जांच टीम है। सबसे गहरा काम आपकी फोरेंसिक टीम, माफ़ करें रिपोर्टिंग टीम ने क्राइम सीन ...
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